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Saturday, February 05, 2011

( फसल कहाँ से आती है ) 

पाकिस्तान के बारे में 
एक बात समझ में नहीं आती है 
की जीस जमीं पर आतंकवाद की
फसल लहलहाती है 
उसके जमीदार को नहीं मालूम 
की ये फसल कहाँ से आती है 


चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
Ajmani61181.blogspot.com 


 
 

Thursday, February 03, 2011

(फांसी क्यों नहीं होती है )


भारत माँ अब भी यारो खून के आंसू रोती है
देश के गद्दारों अफजल को फांसी क्यों नहीं होती है


क्यों आतंकवाद देश में सर उठाये जाता है
क्यों नक्सलवाद शहीदों का खून बहाए जाता है
पड़ोस में बैठा दरिन्दा जब विष उगलता रहता है
तब इस मुद्दे पर भी सरकार हमारी सोती है
देश के गद्दारों अफजल को फांसी क्यों नहीं होती है


क्यों नारी की अस्मत से आज भी खेला जाता है
क्यों महंगाई का मुद्दा अब खून नहीं खौलाता है
क्यों एंडरसन आसानी से देश छोड़कर जाता है
क्या भारत अमेरिका की आज भी बपौती है
देश के गद्दारों अफजल को फांसी क्यों नहीं होती है


क्यों जय हिनद  का नारा दो दिन ही लगाया जाता है
क्यों जातिवाद का जहर हर रोज़ फैलाया जाता है
क्यों राजा कलमाड़ी को सजा नहीं हो पाती है
भ्रष्टाचार की नदिया अब तो कल-कल करती बहती है
देश के गद्दारों अफजल को फांसी क्यों नहीं होती है


चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
Ajmani61181.blogspot.com








Thursday, January 27, 2011


      ( बेबस )
बेबस है कितना इंसान आजकल 
कौडियो में बेचे है ईमान आजकल 

जिंदगी की कीमत कुछ न रही 
बिकता है मौत का सामान आजकल

कौमी एकता की मिलती नहीं मिसाल 
राम और रहीम है परेशान आजकल

किताबी बाते किताबो में रहने दो 
जीतता है झूठा बयान आजकल

आदमी को हम कहाँ ढूंढ़ते चरण 
आदमी का चेहरा शैतान आजकल 



चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com

Ajmani61181.blogspot.com 




(मजहब की दीवारे


कैसे कैसे नारे देखो 
सपनो में सितारे देखो 


रोज़ है उनकी ईद दिवाली 
भूखे बच्चे हमारे देखो


मुल्क कितना विकसित है 
राशन की कतारे देखो


मीरा मस्जिद में कैसे गाये 
मजहब की दीवारे देखो 



चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
 
Ajmani61181.blogspot.com


















( नये दौर का चलन )

नये दौर का चलन हो गया 
फुल का दुश्मन चमन हो गया


मुफलिस की मज़बूरी देखो 
दो कौड़ी का बदन हो गया 


जलना भी है गलना भी है
हमको यह भी सहन हो गया


अश्क आँख से टपक रहे है
खुश फिर कैसे वतन हो गया


चरण बनो तुम खुद ही दीपक 
अन्धकार अब गहन हो गया 


चरणदीप अजमानी, पिथौरा  9993861181
Ajm.charan@gmail.com
Ajmani61181.blogspot.com 
 


 

Wednesday, January 26, 2011

               





                 





                 




                 ( माँ )

 वो माँ जो कहानियाँ सुनाया करती थी 
वो माँ जो आँचल में सुलाया करती थी 


वो माँ जो हर वक़्त समझाया करती थी
वो माँ जो रोने पर चुप कराया करती थी


वो माँ जो अच्छी बाते सिखलाया करती थी
वो माँ जो गम में मुस्कुराया करती थी


वो माँ जो रूठने पर मनाया करती थी  
वो माँ जो खुद भी रूठ जाया करती थी  


वो माँ अब मेरे करीब नहीं है 
उसकी स्मृत्या मेरे जीवन में बसी है 


उसकी हर बातें मुझे प्रेरणा देती है 
बेजान सी जिंदगी को नया जीवन देती है  
                  
चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
Ajmani61181.blogspot.com