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Tuesday, July 05, 2011

           ( मयखाना )
दर्द भरा अफसाना लेकर बैठे है
टुटा दिल और पैमाना लेकर बैठे है
साकी तेरे जाम की अब तो तलब नहीं 
हम खुद ही मयखाना लेकर बैठे है


चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
Ajmani61181.blogspot.com
 

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