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Sunday, July 17, 2011

( आतंकी फिर से छुट जाते है )  


हर हमले में हम टूट जाते है 
और आतंकी फिर से छुट जाते है 
बात होती है अब कार्यवाही होगी
आर पार की लड़ाई होगी 
पर ये सियासत है बहरी
और कानून है अँधा
इनके आश्वासन हमे हर बार लुट जाते है
और आतंकी फिर से छुट जाते है 

पहले जख्म का घाव भर नहीं पाता है 
दूसरा जखम तैयार हो जाता है
फिर  से उस जखम पर मरहम लगाने में 
हम जुट जाते है 
और आतंकी फिर से छुट जाते है 
हर हमले में हम टूट जाते है   
  
  
( मुंबई हमले में दिवंगत हुए शहीदों और 
पीड़ित परिवारों को समर्पित )
चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
Ajmani61181.blogspot.com
 

Tuesday, July 05, 2011

बंटवारा

आँगन का टुकडो में बंटवारा हो गया 
भाई से ज्यादा भाई को पैसा प्यारा हो गया


चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
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               ( मजबूर )

हालातों के आगे हम मजबूर हो गए 
ना चाहते हुए भी तुझसे दूर हो गए 

जो माँगा करते थे झुककर हुस्न खुदा से 
हुस्न जब मिल गया तो वो मगरूर हो गए


चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
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           ( यादें ) 

भूली बिसरी यादें निकली 
जब भी तेरी बातें निकली 

खिली जख्म की फिर बगियाँ
दोस्तों की घातें निकली



चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
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      ( चुनाव का मौसम )

चुनाव का मौसम आते ही 
यही बात 
समझा गया है  
पिता के लिए शराब, 
माँ के लिए कपडे 
और बच्चो के लिए
भोजन आ गया है


चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
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           ( मयखाना )
दर्द भरा अफसाना लेकर बैठे है
टुटा दिल और पैमाना लेकर बैठे है
साकी तेरे जाम की अब तो तलब नहीं 
हम खुद ही मयखाना लेकर बैठे है


चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
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             ( रिश्ते नाते )


रिश्ते नाते की बात अब बेमानी हो गयी 
इंसानी सभ्यता की यही कहानी हो गयी 

हरयाली भी खो गयी जंगल सारे कट गए
चह्चहाती चिडियों की नीड़ भी वीरानी हो गयी 



चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
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                   ( सूरत )
किसी ने हमे मुड़कर देखा भी नहीं
क्या तमन्ना लेकर हमने सूरत संवारी थी 


चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
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