Total Pageviews

Monday, October 31, 2011

( महगांई )


माननीय प्रधानमंत्री जी
महगांई बढने पर आप हर रोज़ चिंता जताते है
पर क्यों बढ रही है ?
इसका जवाब जनता को क्यों नहीं दे पाते है ?


चरनदीप अजमानी, पिथौरा 
http://ajmani61181.blogspot.com 

Wednesday, October 26, 2011

मेरे घर पर प्रज्वलित और तम से जूझता एक दीप

















हर तरफ़ छाई है खुशी , हर तरफ़ है खुशहाली
मोहब्ब्त का पैगाम लेकर , आयी है दीवाली

आप सबको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं । रोशनी और खुशी के इस पावन पर्व पर ईश्वर आपकी सारी मनोकामनाएँ पूरी करे और घर में सुख सम्पन्नता बरसाए। खूब पटाखे चलाइये, मिठाईयाँ खाईये और खुशी मनाइये।
शुभ दीपावली ।

चरनदीप अजमानी

Wednesday, October 19, 2011





अरविन्द केजरीवाल पर किया गया हमला लोक्त्तन्त्र पर हमला है । 
अरविन्द केजरीवाल का यह कहना यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी 
जब चाहें तब लोकपाल पारित हो सकता है, बिल्कुल सही है । 
वर्तमान समय मे भ्रष्टाचार के लिए भी कांग्रेस ही जिम्मेदार है,
क्योंकि वह सत्ता में हैं। 
यदि कांग्रेस चाहे तो देश से भ्रष्टाचार मिट सकता है। 
लोकतंत्र में इस तरह के कृत्य की जितनी निन्दा की जाये कम है।  
ऐसा नहीं होना चाहिए यदि किसी को किसी व्यक्ति से नाराजगी 
भी है तो उसे जाहिर करने का एक लोकतान्त्रिक तरीका है।  
हमारा सविधान हिन्सा के किसी भी तरीके की इज़ाज़त नही देता है।  
अरविन्द केजरीवाल व अन्ना हज़ारे  एक ऐसे कानुन बनाने के लिये प्रयासरत है, 
जिससे कि हम भ्रष्टाचार से पुरी तरह  निजात पा सके। 
एक भारतवासी होने के नाते मै इस हमले की निन्दा करता हू । 


चरनदीप अजमानी , पिथोरा 
http://Ajmani61181.blogspot.com

Monday, October 17, 2011

















चिठ्ठी ना कोई संदेस जाने वो कौन सा देस
जहाँ तुम चले गये
इस दिल पे लगाकर ठेस जाने वो कौन सा देश
जहाँ तुम चले गये


एक आह भरी होगी, हमने ना सुनी होगी
जाते जाते तुमने आवाझ तो दी होगी
हर वक़्त यही है गम, उस वक़्त कहाँ थे हम
कहां तुम चले गये


हर चीज पे अश्कों से लिखा है तुम्हारा नाम
ये रस्ते, घर, गलियाँ तुम्हे कर ना सके सलाम
हाय दिल में रह गई बात, जल्दी से छुडाकर हाथ
कहाँ तुम चले गये


अब यादोँ के कांटे इस दिल में चुभते हैं
ना दर्द ठहरता है ना आंसु रुकते हैं
तुम्हें ढुँढ रहा है प्यार, हम कैसे करें ईकरार
कि हाँ तुम चले गये