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Saturday, February 19, 2011


           









        


           ( वतन बचाने आ जाओ )

खवाब जो देखे थे पहले उसे सजाने आ जाओ 
भगत सुखदेव राजगुरु वतन बचाने आ जाओ

राम नाम के भेष  में अब तो रावण छिप कर बैठा है 
बन गयी लंका अब फिर से उसे जलाने आ जाओ
भगत सुखदेव राजगुरु वतन बचाने आ जाओ 

शहीदों की शहादत को यह देश भूल कर बैठा है 
रहबर रहजन बन बैठे राह दिखाने आ जाओ
भगत सुखदेव राजगुरु वतन बचाने आ जाओ 

आज़ादी का जो सपना तुमने बचपन में देखा था
एसेम्बली में जो तुमने बहरो के लिए बम फेंका था 
इन्कलाब का नारा फिर से याद दिलाने आ जाओ 
भगत सुखदेव राजगुरु वतन बचाने आ जाओ 
  

चरणदीप  अजमानी पिथोरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
Ajmani61181.blogspot.com
 


Monday, February 14, 2011













( वेलेंटाइन डे का त्यौहार )


मेरे मित्र ने पूछा  
वेलेंटाइन डे का त्यौहार कब आता है

क्यों हमको पता नहीं चल पाता है
तुझसे भी मेरा पुराना नाता है 
तो तुझे बताने में क्या जाता है 
मैंने कहा रे पगले 
इसे जान्ने की एक विधि है 
जो मैंने इन पांच सालो में सीखी है
सुबह से जब शेअर बाज़ार गुलाब का भाव बतलाये 
और एस एम् एस मोबाइल पर झनझनाए
दो रूपए के गुलाब फुल बीस में 
बिकने लगे
रेस्तरा में ज्यादा कपल दिखने लगे  
गिफ्ट कॉर्नर पर भीड़ बड़ी हो 
पार्क के बाहर गाडिया खड़ी हो 
लड़की धीमे से मुस्कुराए
लड़के की नज़र लड़की पर गडी हो
दोनों खूब सज धज कर हो तैयार
उनके हर एक लफ्ज में हो प्यार ही प्यार 
तो समझ लेना आज ही है 
वेलेंटाइन डे का त्यौहार 




चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
Ajmani61181.blogspot.com
 
   

Saturday, February 12, 2011





















( वेलेंटाइन डे अनुचित )

पिछले कुछ सालो से वेलेंटाइन डे का जबरदस्त 
प्रचार देखने को मिला है
मेरे नजरिये से ये बिलकुल अनुचित है 

प्यार एक ऐसा रिश्ता है जिसे लम्हों, पल ,
समय ,दिन या तारीख पर बांधना ठीक नहीं
वेलेंटाइन डे बाजारवाद की पैदा की हुई तारीख है .

प्रेम जो की एक सहज भाव है जो आपको माता-पिता,
भाई,बहन, गुरू किसी से भी हो सकता है
और समय के साथ बदल सकता है .

भविष्य के लिए किसी भी प्रकार की प्रतिबद्धता 
बाद में बंधन ,तनाव बन जाती है और यही वेलेंटाइन डे
की उपज है आज वेलेंटाइन डे का प्रेम 
अर्थशाष्त्र के नियम की तरह हो गया है
जबकि इसे समझने के लिए सम्वेंदनशीलता की जरुरत है .
आप कभी प्रकृति और जीवन से प्रेम करके देखे 

तो पता चले की वास्तविक प्रेम क्या है .
भारतीय संस्कृति के लोग अगर पश्चिम के 

अनुसार चले तो पहुचेगे कहाँ पर
हमे 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे मनाने के बजाय 

माता-पिता पूजन दिवस मनाना चाहिए
हम वेलेंटाइन डे पर माता पिता को पूजे 

जो हमारे जीवन को प्रेम्मय बनाते है
 

श्री श्री रविशंकर ने कहा भी है
प्रेम को प्रेम ही रहने दो इसे कोई नाम ना दो


चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
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Tuesday, February 08, 2011

पावन बसंत की बेला
















पावन बसंत की बेला

कोयल कूंके डाल डाल पर, उडे कीट पंतगा 
मन कर ता अठ्खेलिया, मौसम मस्त मतंगा


मंद मंद बहती बयार, पुष्प उठे है खिल
मीठी वाणी, मीठे स्वर से, एक दुजे से मिल


महकी दसों दिशाएं, ढोल की मीठी धुन
आम्र्मंजरी चहक रही, आया अब फ़ागुन

नयी उमंगें, नयी चेतना, नवगीत हर्षाये 
पावन बसंत की बेला पर, वाग्देवी विद्या बरसाए  

चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
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Saturday, February 05, 2011

( फसल कहाँ से आती है ) 

पाकिस्तान के बारे में 
एक बात समझ में नहीं आती है 
की जीस जमीं पर आतंकवाद की
फसल लहलहाती है 
उसके जमीदार को नहीं मालूम 
की ये फसल कहाँ से आती है 


चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
Ajmani61181.blogspot.com 


 
 

Thursday, February 03, 2011

(फांसी क्यों नहीं होती है )


भारत माँ अब भी यारो खून के आंसू रोती है
देश के गद्दारों अफजल को फांसी क्यों नहीं होती है


क्यों आतंकवाद देश में सर उठाये जाता है
क्यों नक्सलवाद शहीदों का खून बहाए जाता है
पड़ोस में बैठा दरिन्दा जब विष उगलता रहता है
तब इस मुद्दे पर भी सरकार हमारी सोती है
देश के गद्दारों अफजल को फांसी क्यों नहीं होती है


क्यों नारी की अस्मत से आज भी खेला जाता है
क्यों महंगाई का मुद्दा अब खून नहीं खौलाता है
क्यों एंडरसन आसानी से देश छोड़कर जाता है
क्या भारत अमेरिका की आज भी बपौती है
देश के गद्दारों अफजल को फांसी क्यों नहीं होती है


क्यों जय हिनद  का नारा दो दिन ही लगाया जाता है
क्यों जातिवाद का जहर हर रोज़ फैलाया जाता है
क्यों राजा कलमाड़ी को सजा नहीं हो पाती है
भ्रष्टाचार की नदिया अब तो कल-कल करती बहती है
देश के गद्दारों अफजल को फांसी क्यों नहीं होती है


चरणदीप अजमानी, पिथौरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
Ajmani61181.blogspot.com